HDFC बैंक ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है, जो 4 नवंबर 2026 से लागू हो चुकी है। अब आम ग्राहकों को 3 से 5 साल और 5 से 10 साल की FD पर सबसे ज्यादा 6. 60% का ब्याज मिल रहा है।
वहीं, सीनियर सिटीजन्स के लिए 3 से 5 साल की FD पर ब्याज दर 7. 20% और 5 से 10 साल की अवधि पर 7. 10% तक पहुंच गई है।
बैंक के इस फैसले के बाद अब निवेशकों को FD, SCSS, PPF और म्यूचुअल फंड जैसे अपने सभी निवेश विकल्पों पर दोबारा विचार करने की जरूरत है। सिर्फ HDFC ही नहीं, अन्य बैंकों ने भी दरें बदली हैं। ICICI बैंक की 5 नवंबर को अपडेट हुई नई FD दरों के मुताबिक, आम ग्राहकों को 1 साल की FD पर 6.
25% और 3 से 10 साल की अवधि पर 6. 50% ब्याज दिया जा रहा है। हालांकि, निवेश करते समय सिर्फ ब्याज नहीं, लिक्विडिटी का ध्यान रखना भी जरूरी है।
ध्यान दें कि HDFC बैंक में 22 जुलाई 2023 से समय से पहले FD तुड़वाने (Premature Withdrawal) पर 1% की पेनाल्टी लगती है। ऐसे में किसी भी छुपे नुकसान से बचने के लिए FD की अवधि सोच-समझकर ही चुनें। बैंक1 साल3–5 साल5–10 सालHDFC बैंक6.
25%6. 60%6. 60%ICICI बैंक6.
25%6. 50%6. 50%HDFC बैंक FD दर में बढ़ोतरी: शॉर्ट-टर्म बनाम लिक्विड फंड्सशॉर्ट-टर्म निवेश की बात करें तो HDFC बैंक 6 से 9 महीने की FD पर 5.
65% और 9 से 12 महीने की अवधि पर 5. 90% ब्याज दे रहा है। कम समय के लिए लिक्विड और ओवरनाइट फंड भी अच्छे विकल्प हो सकते हैं, लेकिन आयकर की धारा 50AA के तहत अब इनमें मिलने वाला मुनाफा बिना इंडेक्सेशन लाभ के सीधे आपकी टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स होता है।
इसलिए, अगर आपका लक्ष्य तय समय के लिए है तो बैंक FD चुनें, और अगर पैसे निकालने में छूट (फ्लेक्सिबिलिटी) चाहिए तो फंड्स का रुख करें। नवंबर 2026 के लिए मुख्य निष्कर्ष: कम अवधि के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए HDFC की नई बढ़ी हुई ब्याज दरों में पैसे लॉक करें। 3 से 10 साल के निवेश के लिए दूसरे बैंकों की दरों से तुलना जरूर करें।
वहीं, लंबे समय के निवेश को अपनी जोखिम क्षमता के हिसाब से PPF या ELSS में लगाएं। बुजुर्ग निवेशक तय आय और समय-समय पर लिक्विडिटी के लिए SCSS और सीनियर सिटीजन FD दोनों को मिलाकर निवेश कर सकते हैं। ।
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