पर्यटन नगरी मसूरी की ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल तिलक मेमोरियल लाइब्रेरी में कथित अवैध निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा।
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षनिवार को बड़ी संख्या में स्थानीय लोग तिलक रोड स्थित लाइब्रेरी परिसर के बाहर एकत्रित हुए और लाइब्रेरी संचालकों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए निर्माण कार्य को रुकवा दिया।
प्रदर्शन कर रहे मेघ सिंह कंडारी, गौरव गुप्ता, सचिन गुहेर, प्रताव पवार, दिनेष चंदोला, जगपाल गुसाई, सुनील कुमार का आरोप है कि लाइब्रेरी परिसर में अनाधिकृत रूप से दुकानों का निर्माण किया जा रहा है।
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जिससे इस ऐतिहासिक धरोहर की मूल पहचान और स्वरूप को नुकसान पहुंच रहा है। लोगों ने कहा कि तिलक मेमोरियल लाइब्रेरी को शिक्षा, पठन-पाठन और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए उपयोग किया जाना चाहिए, लेकिन तिलक मेमोरियल लाइब्रेरी समिति के पदाधिकारी इसे व्यवसायीकरण का केंद्र बनाने में जुटे हुए हैं।
उन्होने कहा कि कुलड़ी क्षेत्र में स्थित तिलक मेमोरियल लाइब्रेरी वर्ष 1920 में स्थापित हुई थी और यह मसूरी की एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर है। उन्होंने कहा कि यह भवन स्वतंत्रता से पूर्व का है और लंबे समय से आम जनता के लिए ज्ञान और अध्ययन का केंद्र रहा है।
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प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में लाइब्रेरी परिसर में कई अवैध निर्माण किए गए हैं और अब तिलक रोड की ओर दुकानों के रूप में नए निर्माण का प्रयास किया जा रहा है, जो पूरी तरह नियमों के विपरीत है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस अवैध निर्माण को तत्काल नहीं रोका गया तो उन्हें आंदोलन तेज करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शहर की ऐतिहासिक धरोहरों को बचाना सभी की जिम्मेदारी है और किसी भी हाल में उन्हें व्यावसायिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान लोगों ने मांग की कि प्रशासन तत्काल निर्माण कार्य की जांच कराए और यदि निर्माण अवैध पाया जाता है तो उसे तुरंत हटाने की कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मसूरी की पहचान उसकी ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक धरोहरों और प्राकृतिक सौंदर्य से है। यदि इस प्रकार लगातार पुरानी इमारतों और धरोहर स्थलों का व्यवसायीकरण होता रहा तो शहर की ऐतिहासिक पहचान खत्म हो जाएगी।
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फिलहाल मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन विरोध के बाद निर्माण कार्य रुक गया है और लोग प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।