शर्जील इमाम ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का किया रुख शरजील इमाम ने दिल्ली दंगों में जमानत हेतु SC का रुख किया। हाई कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज की थी, SC आदेश का हवाला दिया। अभियोजन पक्ष गवाहों से पूछताछ में विफल रहा, समय-सीमा समाप्त।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। फरवरी 2020 में दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में शरजील इमाम ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने उसे जमानत देने से इन्कार कर दिया था।
शीर्ष कोर्ट में दायर याचिका में इमाम ने तर्क दिया है कि उन्हें जमानत मिलनी चाहिए, क्योंकि अभियोजन पक्ष गवाहों से पूछताछ में विफल रहा है और सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई एक साल की समय-सीमा भी अब खत्म होने वाली है। याचिका में कहा गया है कि 25 सितंबर 2020 को चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिसमें 18 आरोपित मुकदमे का सामना कर रहे हैं और अभियोजन पक्ष ने 47 संरक्षित गवाहों सहित 900 से अधिक गवाहों का हवाला दिया है।
छह साल और नौ महीने तक विचाराधीन कैदी के रूप में जेल में रहने के बावजूद, अभियोजन पक्ष एक भी गवाह से पूछताछ नहीं कर पाया है। हाई कोर्ट ने यूएपीए मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इन्कार कर दिया था। हाई कोर्ट ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के पांच जनवरी के उस आदेश में बदलाव नहीं कर सकता, जिसमें दोनों से कहा गया था कि वे या तो संरक्षित गवाहों से पूछताछ पूरी होने पर, या एक साल पूरा होने पर, जो पहले हो, जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं।
संरक्षित गवाह वे गवाह होते हैं, जिन्हें किसी गंभीर मामले में गवाही देने के दौरान जान या प्रतिष्ठा के खतरे को देखते हुए कानून और सरकार द्वारा विशेष सुरक्षा प्रदान की जाती है। देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।
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