अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजों ने भारत की राजनीति में हलचल मचा दी है, जहां विपक्षी दलों ने इसे बीजेपी के भविष्य से जोड़ा है। अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन के नतीजों के लेकर कांग्रेस बीजेपी में भिड़ंत। विपक्ष ने अमेरिकी नतीजों को बीजेपी के भविष्य से जोड़ा।
बीजेपी ने विपक्ष के दावों को सिरे से खारिज किया। ओवैसी ने मुस्लिम उम्मीदवार की जीत पर टिप्पणी की। डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के नतीजों ने भारत की राजनीति में भी हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों के नेताओं ने अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स द्वारा अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में जीत हासिल करने के घटनाक्रम को आधार बनाते हुए राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को मिले राजनीतिक झटके की तुलना भारत में बीजेपी के चुनावी भविष्य से की है।
कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और एआईएमआईएम ने कहा कि अमेरिका के मध्यावधि चुनाव के नतीजे दुनिया भर में दक्षिणपंथी ताकतों के खिलाफ बढ़ते विरोध का संकेत हैं। वहीं, सत्ताधारी बीजेपी ने विपक्ष के इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीतिक स्थिति पूरी तरह मजबूत और अडिग है।
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा, "ट्रंप के साथ ऐसा क्यों हुआ? अमेरिका में वह अमेरिका के मोदी हैं और यहां जो हैं, वे भारत के ट्रंप हैं। वहां जो स्थिति बनी, वही यहां भी होने वाली है।
चुनावों के जरिए वे भी चले जाएंगे। " आम आदमी पार्टी छोड़कर हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुईं प्रियंका कक्कड़ ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने बीजेपी के चुनाव चिह्न का जिक्र करते हुए कहा, "आज POTUS (अमेरिकी राष्ट्रपति), कल LOTUS (कमल)।
" इस तरह उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के राजनीतिक भविष्य की तुलना बीजेपी के भविष्य से की। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि बदलाव की हवा चल रही है। इसके अलावा पार्टी के अन्य नेताओं ने कक्कड़ के पोस्ट किए गए नारे को जमकर शेयर किया।
कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि अमेरिका के मध्यावधि चुनाव के नतीजों से पता चलता है कि मतदाता आखिरकार केंद्रित सत्ता के खिलाफ कदम उठाते हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने अमेरिका के घटनाक्रम को भारत में केंद्र सरकार द्वारा एक साथ चुनाव कराने की कोशिशों से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी एक राष्ट्र, एक चुनाव नीति लागू करना चाहते हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि विधानसभा चुनावों में उन्हें भी इसी तरह का मध्य-अवधि नुकसान उठाना पड़ सकता है।
महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने एआई से बना एक वीडियो शेयर किया, जिसमें ट्रंप को खतरनाक कचरा लिखे एक डिब्बे में फेंका जा रहा है। ।
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