बुधवार, 04 नवंबर 2026 10:00 PM IST
DARSH NEWS
🌤️ 18°C
स्पेशल अखिल भारतीय 4,426 व्यूज

Cyclone Akvan Alert: ‘Arnab’ और ‘Murasu’ के बाद ‘Akvan’ की दस्तक! क्या 11 से 16 NOV के बीच तबाही? खतरा कहां?

DARSH NEWS डेस्क • 04 Nov 2026, 08:30 PM IST
Cyclone Akvan Alert: ‘Arnab’ और ‘Murasu’ के बाद ‘Akvan’ की दस्तक! क्या 11 से 16 NOV के बीच तबाही? खतरा कहां?

Cyclone Akvan Alert: बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान 'मुरासु' के कमजोर पड़ने के बीच अब अगले संभावित चक्रवात 'अकवान' (Akvan) को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ईरान की ओर से सुझाया गया यह नाम उत्तर हिंद महासागर क्षेत्र की आधिकारिक चक्रवात नामकरण सूची में शामिल है। 'अर्नब' के बाद भारत के 'मुरासु' और अब ईरान के 'अकवान' का नाम क्रम में आता है।

कुछ रिपोर्टों में 11 से 16 नवंबर के बीच समुद्री क्षेत्र में चक्रवाती गतिविधि विकसित होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या अकवान भारत के तटीय इलाकों में दस्तक देगा? क्या आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों पर खतरा मंडरा रहा है?

हालांकि, अभी तक अकवान सक्रिय होने की खबर नहीं आई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 4 नवंबर के बुलेटिन में भी अकवान के सक्रिय होने की घोषणा नहीं है। इसलिए फिलहाल इसे संभावित गतिविधि से जुड़ी चर्चा के तौर पर ही देखना चाहिए।

सबसे पहले समझिए, अभी मौसम विभाग का ताजा अपडेट क्या है? अकवान की चर्चा के बीच फिलहाल मौसम विभाग की निगरानी में रहा चक्रवात मुरासु कमजोर पड़ चुका है। IMD के 4 नवंबर 2026 के बुलेटिन के मुताबिक, गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासु का अवशेष पूर्वी तेलंगाना और उससे सटे तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर कमजोर होकर स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र (Well Marked Low Pressure Area) में बदल गया।

इससे पहले 4 नवंबर की सुबह यह सिस्टम डिप्रेशन के रूप में मौजूद था। बाद में इसकी तीव्रता और कम हो गई। इसका मतलब है कि मुरासु का कमजोर होना और अकवान का बनना दो अलग घटनाएं हैं।

एक सिस्टम के कमजोर पड़ने से दूसरे चक्रवात का बनना तय नहीं होता। अगले संभावित चक्रवात को लेकर 11 से 16 नवंबर की तारीखें चर्चा में हैं। लेकिन इन पांच-छह दिनों के दौरान अकवान नाम का तूफान विकसित होगा, इसका अभी कोई पुष्ट आधिकारिक पूर्वानुमान सामने नहीं है।

दरअसल, समुद्र में चक्रवात बनने की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है। चक्रवात बनने के प्रमुख चरण। इसलिए किसी संभावित सिस्टम की चर्चा और चक्रवात के आधिकारिक रूप से विकसित होने में अंतर है।

अभी 11 से 16 नवंबर के बीच अकवान के बनने, उसकी तीव्रता और संभावित रास्ते को लेकर निश्चित दावा करना जल्दबाजी होगी। फिलहाल, अकवान के लिए किसी राज्य में चक्रवाती तूफान या भारी बारिश की आधिकारिक चेतावनी जारी होने की पुष्टि नहीं है। हालांकि, उत्तर हिंद महासागर में चक्रवातों के सामान्य प्रभाव क्षेत्र को समझना जरूरी है।

ये संभावित भौगोलिक प्रभाव क्षेत्र हैं, अकवान के लिए जारी मौसम विभाग की चेतावनी नहीं। मुरासु के प्रभाव के दौरान आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया था। इसके अलावा दक्षिण ओडिशा, दक्षिण छत्तीसगढ़ और उत्तर तमिलनाडु के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई थी।

4 नवंबर की रिपोर्टों के मुताबिक, तेलंगाना के कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बनी हुई थी। ।

समाचार स्रोत: DARSH NEWS

पाठक प्रतिक्रियाएं

इस श्रेणी की अन्य ख़बरें

स्पेशल • अखिल भारतीय

Sima Sarkar कौन थीं, जिसकी हत्या कर कटा सिर लेकर मंदिर पहुंचा पति? पुलिस ने दबोचा-बताई रूह कंपाने वाली वजह

स्पेशल • अखिल भारतीय

'मेरी इमेज खराब की जा रही है, पैसे न दें, भाड़ में जाएं सब', फूट-फूटकर रोईं माही विज, शो छोड़ने की धमकी

स्पेशल • Dehradun

Dehradun Accident: कंटेनर खिलौने की तरह बेकाबू होकर कार पर पलटा, 4 लोगों की मौत

स्पेशल • अखिल भारतीय

Bihar News: जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित होंगे बिहार के गांव, गया में राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित

स्पेशल • अखिल भारतीय

'न तमीज है, न दिमाग', शहजाद पूनावाला पर क्यों भड़की Swara Bhasker? छिड़ी तीखी जंग, क्या है मामला?

स्पेशल • अखिल भारतीय

Amul Price Hike: दिवाली से 4 दिन पहले अमूल का झटका! घी-मक्खन मंहगा, अब नया रेट क्या? 5 साल में कितने बढ़े दाम?

स्पेशल • अखिल भारतीय

MP: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निभाया वादा, बुंदेली गायक सुनील लोधी की आंखों का इलाज शुरू

होम
राजनीति
खेल
सिनेमा
वायरल