बुधवार, 04 नवंबर 2026 10:08 PM IST
DARSH NEWS
🌤️ 18°C
स्पेशल Uttarkashi 7,149 व्यूज

Kedartal Avalanche में मरने वाले 6 लोग कौन थे? 4000 मीटर की ऊंचाई पर 7 दिन बर्फ में दबी Lucknow की 2 बहनें

DARSH NEWS डेस्क • 04 Nov 2026, 09:48 PM IST
Kedartal Avalanche में मरने वाले 6 लोग कौन थे? 4000 मीटर की ऊंचाई पर 7 दिन बर्फ में दबी Lucknow की 2 बहनें

Kedartal Avalanche: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में केदारताल ट्रेक पर गया एक दल भारी बर्फबारी और हिमस्खलन की चपेट में आ गया। इस हादसे में लापता हुए 8 लोगों में से अब तक 6 के शव बरामद किए जा चुके हैं। बुधवार, 4 नवंबर, को सर्च ऑपरेशन के दौरान मिले शवों में लखनऊ की दो सगी बहनें वर्तिका वर्मा (28) और दीपिका वर्मा (29) भी शामिल हैं।

दोनों बहनों को पहाड़ों पर घूमने और ट्रेकिंग का बेहद शौक था। वे भारत और नेपाल के कई मुश्किल ट्रेक पूरे कर चुकी थीं। करीब 2 महीने पहले ही वे फूलों की घाटी और हेमकुंड साहिब की यात्रा से लौटी थीं।

लेकिन केदारताल की यह यात्रा उनकी आखिरी यात्रा साबित हुई। इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। फोटो सोर्स + सोशल मीडिया।

परिजनों का आरोप है कि खराब मौसम की जानकारी के बावजूद ट्रेकिंग कराई गई और हादसे के बाद उन्हें समय पर सूचना तक नहीं दी गई। आखिर कैसे 12 लोगों का ट्रेकिंग दल बर्फीले पहाड़ों में फंस गया? कौन थीं वर्तिका और दीपिका और कैसे चला सात दिनों तक रेस्क्यू ऑपरेशन?

आइए समझते हैं पूरी घटना। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गायत्रीपुरम की रहने वाली वर्तिका वर्मा और दीपिका वर्मा सगी बहनें थीं। दोनों को पहाड़ों और ट्रेकिंग से खास लगाव था।

वे भारत के साथ नेपाल में भी कई ट्रेकिंग अभियान पूरे कर चुकी थीं। वर्तिका 28 साल की थीं और फ्रीलांस इन्फ्लुएंसर के तौर पर काम करती थीं। वहीं, 29 वर्षीय दीपिका एक निजी कंपनी में ग्राफिक डिजाइनर थीं।

परिवार के मुताबिक, दोनों बहनें करीब दो महीने पहले ही उत्तराखंड के फूलों की घाटी और हेमकुंड साहिब की यात्रा करके लौटी थीं। इससे पहले उन्होंने अपने भाई अतुल और दोस्तों के साथ उत्तरकाशी के मोरी क्षेत्र में केदारकांठा ट्रेक भी पूरा किया था। यानी पहाड़ों का रास्ता उनके लिए नया नहीं था।

इसके बावजूद केदारताल में मौसम ने ऐसा करवट बदला कि दोनों को बचाया नहीं जा सका। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्तिका और दीपिका 27 अक्टूबर को सात अन्य ट्रेकर्स और पांच सपोर्ट स्टाफ सदस्यों के साथ गंगोत्री से केदारताल के लिए रवाना हुई थीं। इस तरह पूरे दल में 12 लोग शामिल थे।

तीन दिन के इस ट्रेक के बाद सभी को 29 अक्टूबर को वापस लौटना था। लेकिन इसी दौरान मौसम खराब हो गया। इलाके में भारी बर्फबारी शुरू हुई और कई जगह हिमस्खलन की घटनाएं हुईं।

इसके कारण ट्रेक का रास्ता बाधित हो गया और दल के आठ सदस्य बीच रास्ते में फंस गए। 30 अक्टूबर को दल के कुछ सदस्यों ने ट्रेकिंग एजेंसी से संपर्क करके कच्ची ढांग के पास फंसे होने की जानकारी दी और मदद मांगी। इसके बाद प्रशासन और बचाव दलों ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

31 अक्टूबर को सपोर्ट स्टाफ के चार सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया। बाकी आठ लोगों की तलाश जारी रही। ।

समाचार स्रोत: DARSH NEWS

पाठक प्रतिक्रियाएं

इस श्रेणी की अन्य ख़बरें

स्पेशल • अखिल भारतीय

अनंत सिंह की बेटी की शादी की तैयारियां तेज, नीतीश से तेजस्वी तक सबको न्योता, किसकी एंट्री बैन?

स्पेशल • अखिल भारतीय

Cyclone Akvan Alert: ‘Arnab’ और ‘Murasu’ के बाद ‘Akvan’ की दस्तक! क्या 11 से 16 NOV के बीच तबाही? खतरा कहां?

स्पेशल • अखिल भारतीय

Sima Sarkar कौन थीं, जिसकी हत्या कर कटा सिर लेकर मंदिर पहुंचा पति? पुलिस ने दबोचा-बताई रूह कंपाने वाली वजह

स्पेशल • अखिल भारतीय

'मेरी इमेज खराब की जा रही है, पैसे न दें, भाड़ में जाएं सब', फूट-फूटकर रोईं माही विज, शो छोड़ने की धमकी

स्पेशल • Dehradun

Dehradun Accident: कंटेनर खिलौने की तरह बेकाबू होकर कार पर पलटा, 4 लोगों की मौत

स्पेशल • अखिल भारतीय

Bihar News: जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित होंगे बिहार के गांव, गया में राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित

स्पेशल • अखिल भारतीय

'न तमीज है, न दिमाग', शहजाद पूनावाला पर क्यों भड़की Swara Bhasker? छिड़ी तीखी जंग, क्या है मामला?

होम
राजनीति
खेल
सिनेमा
वायरल